YOU ARE BORN TO BE RICH  आप  का जन्म  अमीर बनने के लिए हुआ है 

शायद आप ये पढ़ के चोंक जाए लेकिन मैं कहना चाहूँगा मेरे लिखें एक भी शब्द पर भरोशा मत किजिये ।
क्यों की मै यहाँ जो भी लिखूंगा वो मेरे अनुभव के आधार पे होगा।

मैं जो भी विचार, ज्ञान सिध्दांत बताउंगा वो अपने आप में सच या झूठ,सही या गलत नहीं है
बस इतना कहना चाहूँगा इन विचारो पे चल के मेरे और मेरे दोस्तों रिश्तेदारों और विधायर्थियो की ज़िन्दगी
में मुलभूत परिवर्तन हुवा है।

अब तक आप बहुत किताबे  पढ़ चुके होंगे , सेमीनार में गये  होंगे रियल स्टेट, शेयर मार्केट भी शायद आजमाया होगा। लेकिन क्या हुवा ,अधिकतर मामलो में कुछ नहीं हुवा या थोड़ी देर के लिए ऊर्जा की लहर आयी और फिर सेअपनी पुरानी स्थति में आ गए।

क्या आप जानते है आप अभी तक एक अमीर इंसान क्यूँ नहीं बन पाए है। जब तक आपका अवचेतन दिमाग आपके अमीर बनने का खाका न त्यार कर ले तब तक आप अमीर नहीं बन सकते कुछ अपवाद को रहने दे तो।

धन प्रबन्धन (Money management. 

अमीर लोग अपने पैसे का सही प्रबन्धन करते है और गरीब लोग बुरा प्रबंधन करते है. दौलतमंद लोग गरीब लोगो ज़्यदा समझदार नहीं होते है बस उनकी धन सम्बन्धी आदते अलग होती है।

ये आदते अधिकतर हम  किस माहोल में बड़े हुए हैं  हमारी बचपन की सोच पे निर्भर करती है।
अगर आप पैसो का प्रबंधन नहीं कर पा रहे तो इसके लिए आपकी परवरिश भी जिम्मेदार है या फिर आप जानते ही नहीं प्रबंधन कैसे किया जाता है।

आपका मै जानता नहीं लेकिन जिस स्कूल में मैंने पढ़ायी की है वंहा पैसे के सम्बन्ध में कभी नहीं पढाया गया।
वित्तय प्रबंधन शायद टीनएजर बच्चों के लिए एक रोचक विषय न हो लेकिन सबसे ज़्यदा जरुरी  है।

वे लोग जो कहते है की उनके पास प्रबंधन करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं है शायद उनके पास कभी पैसे आयेगा  ही नहीं। क्यों की जब तक तुम उतने पैसे जितने तुम्हारे पास है का सही से प्रबंधन नही कर के दिखाते नया पैसा नहीं आएगा। 


धन प्रबंधन क्यूँ  करे ( Why do money management. 


प्रबंधन का  प्रमुख नियम निंरतरता है।आप कोई GOAL बनाते है और उसके लिए निरंतर प्रयाश नहीं करते है तो आप कभी GOAL तक नहीं पहुंच पाएंगे।

अगर आप फिट होने के लिए GYM जाना शुरू करते है QUALITY  DIET लेना शुरू कर है और रोज शाम को शीशे के आगे खड़े होक देखते है की फर्क पड़ा की नहीं यकीनन आप 3 -4  दिन बाद  आप अपने पुराने लाइफस्टाइल में आ जायेंगे या वो जोश खो बैठेंगे जिस जोश के साथ शुरुआत की थी।
 यहाँ जिस गुण की जरुरत होती है वो है निंरतरता।

                               करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान
                               रसरी आवत-जात के, सिल पर परत निशान|

अर्थात  रस्सी को बार-बार पत्थर पर रगङने से पत्थर पर भी निशान पङ सकता है। 
निरंतर प्रयत्नशीलता और आलस्य का त्याग सफलता की कुंजी है। चारों तरफ फैले ज्ञान के खजाने को स्वयं में समेटने के लिए कुछ नया जानने की इच्छा और अभ्यास की प्रक्रिया को कभी थमने नही देना चाहिए। 
धन प्रबंधन के लिए निरतंरता बहुत जरुरी  है।  

धन प्रबंधन के  नियम Law of  Money management . 

धन प्रबंधन के महत्वपूर्ण पॉंच नियम  

5 powerful money management tips 


हम अपनी छोटी छोटी आदतों पे सुधार कर के धन का सही और प्रभावी प्रबंधन कर सकते है।  

नीचे आपको पांच ऐसी ही धन प्रबंधन के जरूरी नियम बताये गए है ,जिन्हे अपनी ज़िंदगी में अपना के आप 

अपनी financial स्थति को बेहतर बना सकते है। 

1. बस जरुरत की चीजे खरीदो  buy only what you need

हम अक्सर अपने धन का एक बहुत बड़ा हिस्सा उन चीजों पे खर्च करते है जिनकी हमे 

जरुरत नहीं होती या फिर जिन्हे हम बस एक दो बार उपयोग कर के घर के किसी कोने में रख देते है।  
जब तक हम वित्तय स्वतंत्रता नहीं पा लेते कम से कम तब तक तो हमे जरुरत की चीजे ही खरीदनी चाहिये। 

वित्तय स्वतंत्रता वो स्थिति होती है जब हमे अपने जरुरी खर्चों को चलाने के लिए किसी एक्टिव INCOME पे 

निर्भर नहीं रहना होता है आसान शब्दों में बिना काम किये हमारे पास हर महीने इतना धन आये की हमारा 

घर खर्च बिना किसी परेशानी के चल सके। 

2. 50 /30 /20 RULE 

50 /30 /20 एक बहुत ही पुराना और कारगर  नियम है धन संचय करने का।  

इस नियम के अनुसार आपको अपनी INCOME को तीन हिस्सों में बांटना  होता है।

सबसे पहले आप को अपनी INCOME का  कम से कम 20 % हिस्सा अलग करना है

50 % से  ज़्यदा हिस्से को आपको अपनी जरूरतों पे खर्च नहीं कर सकते है

30 % हिस्से  को आप अपने घूमने फिरने या अपनी इच्छाओ को पूरा करने पे कर  सकते है।

मोटे तौर  पे ये सिद्धांत कहता है की आपको अपनी इनकम का  कम से कम 20 % हिस्सा
सुरक्षित रखना है और बाकी के 80 % हिस्से से आपको अपनी जीविका चलानी है।  

अगर आप ज्यादा बचा सकते है तो आप का अमीर बनने का सफर जल्दी पूरा हो जायेगा।

बचे हुए 20 % हिस्से को आपने समझदारी से निवेश करना है ,जो आपको लम्बी अवधि में अच्छा 

ब्याज दे। 


3.सबसे पहले खुद को भुगतान करे  Pay your self first 

अक्सर देखा गया है की हम सबसे पहले अपने खर्चो के लिए धन अलग कर लेते है ,उसके बाद जो बचता है 

उसको अपनी saving कहते है ,जबकि होना इसका उल्टा चाहिये 

सबसे पहले हमे खुद को भुगतान करना चाहिए जिसे हम निरंतर समय पे निवेश कर सके जिससे हमे बाद में 

अच्छा फल मिल सके। 

अगर हम खुद को सबसे बाद में भुगतान करते है तो हम निवेश की निंरतरता नहीं बना रख पाएंगे और अक्सर 

हम खुद को भुगतान करने के मामले में लापरवाही करते है,


4.कर्ज मुक्त रहे  be debt free 


हम बड़े घर की चाह में, बड़ी गाडी या फिर आमिर दिखने के लिए लाखो रूपये उन चीजों पे खर्चा करते है 

जो हमारी वित्तय ढाँचे को पूरी तरह धारशाही कर देता है।  

सही समय पे सही चीज खरदीना ही वित्तय समझ है। अमीर दिखने से ज़्यदा अमीर बनने पे जोर लगाना चाहिए 

क्रेडिट कार्ड के उपयोग से खुद को दूर रखे , जंहा तक हो सके लोन न ले, बिग बाजार में लगे ऑफर्स या सेल 

से अनावाश्यक सामान न ले। सस्ते महंगे के बीच प्रोडक्ट क्वालिटी को नजरअंदाज न करे। किसी एक ही बैंक 

में अपनी  सारी  पूंजी न रखे (उदाहरण के तौर पे P M C बैंक)

आपका प्रारम्भिक लक्ष्य में अपने 3 महीने तक का घर खर्च बैंक में हमेसा होना चाहिये और कम से कम 

24 महीने के घर खर्च तक की आपको FD करानी है जब यहाँ तक सफर आपका पूरा हो जाए उसके 

बाद आपको अपनी पूंजी का एक हिस्सा बाजार में निवेश करना है। म्युचअल फंड ,गोल्ड,शेयर मार्केट 

पे आप धीरे धीरे निवेश कर  सकते है। 

5.बिमा Insurance 

धन प्रबंधन के लिए सबसे जरुरी नियम में से एक है बिमा। आपको बिमा की जानकारी होनी चाहिए 

भारत में सबसे ज़्यदा बिमा के नाम पे लोग ठके जाते है और जिसका एक ही कारण है सही जानकारी का 

ना  होना। कभी भी बिमा और निवेश को मिक्स नहीं करना चाहिए।  

सबसे पहले आपके  पूरे परिवार का हेल्थ इन्सुरेंस होना चाहिये इसके बिना आप कभी भी 

वित्तय स्वतंत्रता नहीं पा सकेंगे।  

घर के मुख्या का जिसकी कमाई से घर चलता है उसका टर्म इन्सुरेंस भी होना चाहिये।




























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