DIVORCE तलाक
शीर्षिक - DIVORCE तलाक

नमस्कार ,आदाब ,सत श्री अकाल दोस्तो ,
मैं सागर आपका अपने ब्लॉग में स्वागत करता हूँ ,
दोस्तों पिछले सप्ताह के ब्लॉग को आप लोगो ने बहुत प्यार दिया जिस से मुझे एक नयी ऊर्जा मिली है
आज मैं आप लोगो के साथ अपने दोस्त संजय रावत की कहानी बताने जा रहा हुँ जिसका एक एक शब्द सच्चा है।
मेरे ऑफिस की छुटटी थी तो मै घर पे आराम कर रहा था और अभिमान फिल्म के गाने सुन रहा था
अक्सर छुटटी के दिन मेरा संगीत प्रेम जाग जाता है ,
संजय की कॉल से संगीत बंद हो गया बहुत समय बाद उसका फ़ोन आया था तो बिना देरी के फ़ोन उठा लिया
संजय दुबई में एक साल से अकेला रहता है और अभी 10 दिन पहले ही छुटटी काट के दुबई वापस गया है।
बातो का सिलसिला आगे बड़ा तो पता चला की उसकी लाइफ में गड़बड़ चल रही है, उसकी वाइफ अब अपने ससुराल में नहीं रहती 6 महीने से मायके में है और बात तलाक तक आ चुकी है, तलाक किसी भी शादी शुदा
इंसान के लिए एक पुनःजन्म जैसा होता है या तो सारे दुखो से आजादी या नए दुःखो का पहाड़।
लेकिन संजय की तलाक की बात सुन के मेरा चौंकना वाजिब था क्यों की एक तो दोनों की लव मैरिज थी
और Facebook में भी काफी ख़ुश नजर आते थे,मेरी इच्छा हुयी ये जान ने की, कि ऐसा क्या हुवा था की दोनों ने इतना बड़ा फैसला ले लिया,संजय ने जब विस्तार से बताया तो सीमा ( संजय की बीवी ) की गलती नजर आती है सीमा की छोटी बहन का सीमा के साथ रहना और दोनों का मिल के अपनी सास को परेशान करना जो की एक विधवा है शायद जब कभी संजय सीमा को कुछ कहता है तो दोनों बहनो को लगता हो की उनकी सास ने संजय के कान भरे हो और इसलिए सुषमा (संजय की माँ) का पक्ष रखने वाला कोई नहीं होता और दोनों बहने हावी हो जाती।
सीमा के माँ-पापा सरकारी दफ्तर में अच्छे औदे में है घर में पैसो की कोई कमी नहीं थी सीमा की माँ जो की एक बहुत तेज स्वभाव की महिला है का अपनी बेटी की शादी सुदा जिंदगी में बहुत दखल था इस कारण भी सीमा कभी मानसिक रूप से समर्पण का गुण विकसित नहीं कर पायी, मैं यहाँ ये नहीं कह रहा हु की समर्पण
सिर्फ सीमा का हो संजय का नहीं , समपर्ण तो शादी की पहेली खाद है जो शादी के पौधे को जीवन देती है।
सीमा और सुषमा जी के रिस्ते का आखरी धागा उस दिन टूट गया जिस दिन संजय और सीमा ने फिर फ़ोन में
बहस कर ली हमेसा की तरह सीमा को लगा इन सब के पीछे उनकी सास है , फिर क्या था दोनों बहनो ने सुषमा जी के साथ बतमीजी शुरू कर दी और उनके साथ तू ता से बाते करना शुरू दी गुस्से में सुषमा जी घर से बाहर बालकोनी में आ गयी, निशा ( सीमा की बहन ) ने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया , रात भर सुषमा घर के बाहर
बिना खाना खाये रही सुबह जब दरवाजा खुला तो वो अपना सामान लेके अपने गाँव आ गयी।
सीमा के माँ बाप भी अपनी बेटी को देहरादून से लेके अपने घर मेरठ आ गए उसके बाद शुरू हुवा फ़ोन और wattsup युद्ध।
संजय दुबई से भारत आया तो न सीमा उसको मिलने आयी और ना संजय के अंदर उसके लिए प्यार था , था तो बस गुस्सा और नफरत , हम लड़के माँ को लेके बहुत इमोशनल होते है और होना भी चाहिए , संजय को बार बार फ़ोन में कहा गया की तलाक दो सीमा को , संजय ने तलाक के कागज सीमा के घर पहुंचा दिए
इस बात से उसके अ ह म को चोट लग गयी और उन्होंने दहेज़ केस का नोटिस के भेज दिया और धमकी दी
है की अगर तलाक के लिए जाओगे तो दहेज़ केस में जेल डलवा देंगे। उनका कहना ये है की अब जब तक उनकी बेटी को कोई दूसरा लड़का नहीं मिल जाता तब तक संजय तलाक नहीं देगा।
अभी तक जो भी नजरिया था ये संजय का पक्ष था हो सकता है उसकी भी गलतिया रही हो या सुषमा जी की भी कोई गलती हो जो संजय छुपा गया हो
संजय दुबई आ गया है माँ घर पे अकेली है धर्मपत्नि मायके में माँ -बाप के साथ अपने ससुराल वालो को गाली
और अपने शादी के फैसले पे पछता रही है।
दोस्तों आप इन दोनों की जगह होते क्या करते ???
आपका शुभचिंतक
सागर

नमस्कार ,आदाब ,सत श्री अकाल दोस्तो ,
मैं सागर आपका अपने ब्लॉग में स्वागत करता हूँ ,
दोस्तों पिछले सप्ताह के ब्लॉग को आप लोगो ने बहुत प्यार दिया जिस से मुझे एक नयी ऊर्जा मिली है
आज मैं आप लोगो के साथ अपने दोस्त संजय रावत की कहानी बताने जा रहा हुँ जिसका एक एक शब्द सच्चा है।
मेरे ऑफिस की छुटटी थी तो मै घर पे आराम कर रहा था और अभिमान फिल्म के गाने सुन रहा था
अक्सर छुटटी के दिन मेरा संगीत प्रेम जाग जाता है ,
संजय की कॉल से संगीत बंद हो गया बहुत समय बाद उसका फ़ोन आया था तो बिना देरी के फ़ोन उठा लिया
संजय दुबई में एक साल से अकेला रहता है और अभी 10 दिन पहले ही छुटटी काट के दुबई वापस गया है।
बातो का सिलसिला आगे बड़ा तो पता चला की उसकी लाइफ में गड़बड़ चल रही है, उसकी वाइफ अब अपने ससुराल में नहीं रहती 6 महीने से मायके में है और बात तलाक तक आ चुकी है, तलाक किसी भी शादी शुदा
इंसान के लिए एक पुनःजन्म जैसा होता है या तो सारे दुखो से आजादी या नए दुःखो का पहाड़।
लेकिन संजय की तलाक की बात सुन के मेरा चौंकना वाजिब था क्यों की एक तो दोनों की लव मैरिज थी
और Facebook में भी काफी ख़ुश नजर आते थे,मेरी इच्छा हुयी ये जान ने की, कि ऐसा क्या हुवा था की दोनों ने इतना बड़ा फैसला ले लिया,संजय ने जब विस्तार से बताया तो सीमा ( संजय की बीवी ) की गलती नजर आती है सीमा की छोटी बहन का सीमा के साथ रहना और दोनों का मिल के अपनी सास को परेशान करना जो की एक विधवा है शायद जब कभी संजय सीमा को कुछ कहता है तो दोनों बहनो को लगता हो की उनकी सास ने संजय के कान भरे हो और इसलिए सुषमा (संजय की माँ) का पक्ष रखने वाला कोई नहीं होता और दोनों बहने हावी हो जाती।
सीमा के माँ-पापा सरकारी दफ्तर में अच्छे औदे में है घर में पैसो की कोई कमी नहीं थी सीमा की माँ जो की एक बहुत तेज स्वभाव की महिला है का अपनी बेटी की शादी सुदा जिंदगी में बहुत दखल था इस कारण भी सीमा कभी मानसिक रूप से समर्पण का गुण विकसित नहीं कर पायी, मैं यहाँ ये नहीं कह रहा हु की समर्पण
सिर्फ सीमा का हो संजय का नहीं , समपर्ण तो शादी की पहेली खाद है जो शादी के पौधे को जीवन देती है।
सीमा और सुषमा जी के रिस्ते का आखरी धागा उस दिन टूट गया जिस दिन संजय और सीमा ने फिर फ़ोन में
बहस कर ली हमेसा की तरह सीमा को लगा इन सब के पीछे उनकी सास है , फिर क्या था दोनों बहनो ने सुषमा जी के साथ बतमीजी शुरू कर दी और उनके साथ तू ता से बाते करना शुरू दी गुस्से में सुषमा जी घर से बाहर बालकोनी में आ गयी, निशा ( सीमा की बहन ) ने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया , रात भर सुषमा घर के बाहर
बिना खाना खाये रही सुबह जब दरवाजा खुला तो वो अपना सामान लेके अपने गाँव आ गयी।
सीमा के माँ बाप भी अपनी बेटी को देहरादून से लेके अपने घर मेरठ आ गए उसके बाद शुरू हुवा फ़ोन और wattsup युद्ध।
संजय दुबई से भारत आया तो न सीमा उसको मिलने आयी और ना संजय के अंदर उसके लिए प्यार था , था तो बस गुस्सा और नफरत , हम लड़के माँ को लेके बहुत इमोशनल होते है और होना भी चाहिए , संजय को बार बार फ़ोन में कहा गया की तलाक दो सीमा को , संजय ने तलाक के कागज सीमा के घर पहुंचा दिए
इस बात से उसके अ ह म को चोट लग गयी और उन्होंने दहेज़ केस का नोटिस के भेज दिया और धमकी दी
है की अगर तलाक के लिए जाओगे तो दहेज़ केस में जेल डलवा देंगे। उनका कहना ये है की अब जब तक उनकी बेटी को कोई दूसरा लड़का नहीं मिल जाता तब तक संजय तलाक नहीं देगा।
अभी तक जो भी नजरिया था ये संजय का पक्ष था हो सकता है उसकी भी गलतिया रही हो या सुषमा जी की भी कोई गलती हो जो संजय छुपा गया हो
संजय दुबई आ गया है माँ घर पे अकेली है धर्मपत्नि मायके में माँ -बाप के साथ अपने ससुराल वालो को गाली
और अपने शादी के फैसले पे पछता रही है।
दोस्तों आप इन दोनों की जगह होते क्या करते ???
अपना कीमती समय मुझे देने के लिए आपका आभारी हुँ।
आपका शुभचिंतक
सागर

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